बेंगलुरु में ISRO का All India Technical Conferences 2025

बेंगलुरु में ISRO का All India Technical Conferences 2025

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) इस साल आर्यभट्ट उपग्रह के लांच की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर इसरो का उपग्रह बनाने वाले प्रमुख केंद्र, यू आर राव उपग्रह केंद्र (URSC), पूरे देश भर के विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के स्नातक, स्नातकोत्तर छात्रों और शोधार्थियों के लिए बेंगलुरु में ISRO का All India Technical Conferences 2025 (अखिल भारतीय तकनीकी सम्मेलन 2025) आयोजित कर रहा है। इसका नाम (Theme) है – “आर्यभट्ट से अनंत अंतरिक्ष की ओर (“Beyond Aryabhata to Infinite Space”)। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शोधार्थियों के मध्य भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के बारे में जागरूकता बढ़ाना, जागरूकता बढ़ाना, प्रौद्योगिकी प्रगति, अंतरिक्ष अनुसंधान और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों से जुड़े विषयों पर विचारपूर्ण और प्रेरक तकनीकी लेख लिखने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना है। इसी उद्देश्य से, पूरे देश के विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के छात्रों और शोधार्थियों से सरल और आसानी से समझ आने वाली हिंदी में लिखे हुए तकनीकी लेख आमंत्रित किए गए हैं।


AITC - All India Technical Conferences 2025
Theme - Beyond Aryabhatta to Infinite Space

Table of Contents

  1. ISRO Technical Conferences 2025 का परिचय
  2. URSC बेंगलुरु का महत्व
  3. सम्मेलन कितने दिनों का है?
  4. पहले दिन का कार्यक्रम
  5. दूसरे दिन का कार्यक्रम
  6. सम्मेलन क्यों महत्वपूर्ण है?
  7. भारत की 50 साल की अंतरिक्ष यात्रा
  8. Technical Conferences 2025 के विषय
  9. आलेख प्रस्तुत करने के दिशा-निर्देश
  10. महत्त्वपूर्ण तिथियाँ व ईमेल आईडी
  11. FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
  12. निष्कर्ष

ISRO के सबसे महत्वपूर्ण यू आर राव उपग्रह केंद्र (URSC) का आसान परिचय

बेंगलूरु, जिसे भारत की Silicon Valley और Garden City कहा जाता है, के बीचों-बीच यू आर राव उपग्रह केंद्र (URSC) स्थित है। पहले इसे इसरो उपग्रह केंद्र (ISAC) भी कहा जाता था। यह केंद्र spacecraft बनाने और उनसे जुड़ी तकनीक विकसित करने में सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। इस केंद्र में बने spacecraft का उपयोग संचार, नेविगेशन, मौसम की जानकारी, सुदूर संवेदन, अंतरिक्ष विज्ञान और ग्रहों से बाहर के मिशनों के लिए किया जाता है। यह केंद्र आने वाले future space missions के लिए नई और उन्नत तकनीक बनाने पर लगातार काम कर रहा है।

ISRO - U R Rao Satellite Centre, Bengaluru


यह All India Technical Conferences 2025 का सम्मेलन किसके लिए है और कितने दिनों का है?

यू.आर. राव उपग्रह केंद्र (URSC) द्वारा आयोजित यह दो दिन का अखिल भारतीय तकनीकी सम्मेलन - तकनीकी और राजभाषा—दोनों तरह के सत्रों को प्रस्तुत करेगा। यह सम्मेलन सभी के लिए खुला होगा, जिसमें तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्रों के अधिकारी-कर्मचारी, साथ ही देश भर के छात्रों को अपने लेख प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा।

  • तकनीकी सत्रों के लिए - ISRO (अंतरिक्ष विभाग) के तकनीकी/वैज्ञानिक कर्मचारियों तथा विश्वविद्यालयों के छात्रों और शोधार्थियों से तकनीकी विषयों पर लेख आमंत्रित किए जा रहे हैं।
  • राजभाषा सत्रों के लिए - ISRO के प्रशासनिक और राजभाषा से जुड़े कर्मचारियों से सामान्य विषयों पर लेख आमंत्रित किए जा रहे हैं।

दो-दिवसीय Conference के मुख्य आकर्षण:

1.  पहला दिन

उद्घाटन सत्र (09:30 AM– 10:30 AM):

  • मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता का संबोधन
  • छात्रों/शोधार्थियों द्वारा मौखिक व पोस्टर प्रस्तुतीकरण (11:30 AM– 05:00 PM)
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम (05:30 PM – 07:30 PM)

 2. दूसरा दिन

ISRO के अधिकारी/कर्मचारी द्वारा मौखिक व पोस्टर प्रस्तुतीकरण (09:00 AM – 03:30 PM):

  • छात्रों द्वारा दोनों परिसरों का दौरा (09:00 AM– 03:00 PM)
  • पूर्वाह्न: आईसाइट सुविधाओं का दौरा (09:00 AM – 12:00 PM)
  • अपराह्न: यू.आर. राव उपग्रह केंद्र का दौरा (12:30 PM – 03:00 PM)
  • समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह (03:30 PM– 05:00 PM)
U R Rao Satellite Centre (URSC)


All India Technical Conferences 2025 की प्रासंगिकता को समझते हुए

इस वर्ष all india technical seminar का आयोजन यू आर राव उपग्रह केंद्र (URSC) में होना हमारे लिए बहुत खुशी की बात है। जैसा कि हम जानते हैं, सरकारी कामकाज में हिंदी का उपयोग बढ़ाना हमारा संवैधानिक कर्तव्य है। वैज्ञानिक और तकनीकी कार्यों में व्यस्त रहने के बावजूद हमारा केंद्र हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

तकनीकी शिक्षा में हिंदी माध्यम की सबसे बड़ी समस्या है कि तकनीकी विषयों की किताबें और संदर्भ सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए, हिंदी माध्यम की तकनीकी किताबें तैयार करने के उद्देश्य से ऐसे तकनीकी सम्मेलनों का आयोजन बेहद महत्वपूर्ण है।

अखिल भारतीय Technical Conferences 2025 ऐसा मंच बनेगा, जहाँ नवीनतम विज्ञान, अनुसंधान और खोजों से जुड़े विषयों पर हिंदी में तकनीकी लेख प्रस्तुत किए जाएंगे। प्रतिभागियों को विज्ञान के कठिन विषयों को सरल हिंदी में समझाने और समझने का अवसर मिलेगा।

19 April 1975 को Aryabhata उपग्रह के सफल प्रक्षेपण से लेकर अब तक 50 सुनहरे वर्ष बीत चुके हैं। Aryabhata से शुरू हुई यात्रा अब उन्नत तकनीकों और मजबूत ज्ञान-व्यवस्था की वजह से गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण तक पहुँच चुकी है। ISRO के अभियान न सिर्फ अंतरिक्ष तक सीमित रहे हैं, बल्कि उन्होंने समाज को बहुत लाभ पहुँचाया है—जैसे संचार में सुधार, स्वास्थ्य और शिक्षा की आसान पहुँच, आपदा प्रबंधन में मदद, बेहतर नौवहन एवं परिवहन प्रणाली आदि।

Mangalyaan, Chandrayaan और Aditya-L1 जैसे मिशनों ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय में एक मजबूत स्थान दिया है। अब भारत मानव अंतरिक्ष मिशन की तैयारी कर रहा है, और इस दिशा में आत्मविश्वास बढ़ा है, खासकर तब से जब हमारे अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने International Space Station तक Axium-04 मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Themes of All India Technical Conferences 2025

Aryabhata के 50 वर्ष पूरे होने के इस ऐतिहासिक वर्ष पर यू आर राव उपग्रह केंद्र (URSC) "All India Technical Conference 2025: Aryabhata से अनंत अंतरिक्ष की ओर" का आयोजन कर रहा है। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में ISRO के वैज्ञानिक, अभियंता, कर्मचारी और देशभर के कॉलेजों के विद्यार्थी तथा शोधार्थी भाग लेंगे।

क्योंकि हिंदी पूरे देश में व्यापक रूप से बोली और समझी जाती है, इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी है कि तेजी से बढ़ती अंतरिक्ष तकनीक और नवाचारों का ज्ञान हिंदी में भी उपलब्ध हो। इससे विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और नई पीढ़ी को वैज्ञानिक, अभियंता और उद्यमी बनने की प्रेरणा मिलेगी।

इस सम्मेलन के दौरान छात्रों को यू आर राव उपग्रह केंद्र (URSC) की अत्याधुनिक सुविधाएँ देखने का अवसर मिलेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है कि छात्र उच्च-गुणवत्ता वाले, मौलिक और नवोन्मेषी शोधपत्र प्रस्तुत करें, ताकि युवाओं में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा दिया जा सके।

2025: All India Technical Conference के विषय

अंतरिक्ष विभाग और ISRO के सभी केंद्रों व यूनिटों में राजभाषा यानी हिंदी का उपयोग बहुत प्रभावी तरीके से किया जा रहा है। यहाँ हर साल Pool-Level और Inter-Centre Hindi Technical Seminars के माध्यम से वैज्ञानिक और तकनीकी विषयों पर हिंदी में चर्चा करने की परंपरा बनी हुई है।

इस बार, Aryabhata उपग्रह के सफल प्रमोचन के 50 साल पूरे होने पर एक अखिल भारतीय तकनीकी सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य विषय “आर्यभट्ट से अनंत अंतरिक्ष की ओर” रखा गया है, जो इस मौके के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। इस विषय पर ISRO/Space विभाग के सभी केंद्रों और यूनिटों के अधिकारी-कर्मचारी, साथ ही विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं और शोधार्थियों से लेख आमंत्रित किए जा रहे हैं।

Theme - Beyond Aryabhatta to Infinite Space ("आर्यभट्ट से अनंत अंतरिक्ष की ओर")

यह विषय भारत के अंतरिक्ष सफर के पिछले 50 वर्षों में हासिल बड़ी उपलब्धियों को समेटता है और साथ ही आने वाले मिशनों और योजनाओं पर भी रोशनी डालता है। इसी के अंतर्गत निम्नलिखित कई उप-विषयों को भी शामिल किया जा सकता है।


आलेख तैयार करने के सरल और स्पष्ट दिशा-निर्देश

उपरोक्त विषयों में से किसी एक विषय पर, हर विश्वविद्यालय/संस्थान के छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों से 2 से 4 तकनीकी आलेख आमंत्रित किए जा रहे हैं।

सबसे पहले विश्वविद्यालय या संस्थान स्तर पर आलेखों का चयन किया जाएगा। इसके बाद चुने गए आलेखों का मूल्यांकन और संपादन, निर्धारित मूल्यांकन एवं संपादकीय समिति द्वारा किया जाएगा।

चयनित छात्रों को निर्धारित तिथि पर इसकी सूचना दी जाएगी। जिन छात्रों के आलेख अंतिम रूप से चुने जाएंगे, उन्हें दो-दिवसीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्हें अपने लेख को मौखिक प्रस्तुति या पोस्टर फॉर्मेट में पेश करने का अवसर भी मिलेगा।

चयनित प्रतिभागियों के लिए ठहरने और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा ट्रेनों के द्वितीय श्रेणी शयनयान किराए की प्रतिपूर्ति भी दी जाएगी। साथ ही, उन्हें यू.आर. राव उपग्रह केंद्र (URSC), बेंगलूरु की आधुनिक सुविधाओं को देखने का अवसर भी मिलेगा।

आलेख लिखने के नियम

  • भाषा: केवल हिन्दी
  • फॉर्मेट: Microsoft Word की सॉफ्ट कॉपी और PDF दोनों
  • पेज साइज: A4, चारों ओर 1–1 इंच का मार्जिन
  • फॉन्ट: यूनिकोड 'मंगल'
  • फॉन्ट साइज़: 12, (एकल स्पेस)
  • शब्द सीमा: लगभग 3000 शब्द

लेखक को अपने विश्वविद्यालय/संस्थान के अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिसमें यह उल्लेख हो कि वे संबंधित संस्थान के बोनाफाइड छात्र/छात्रा हैं, और प्रस्तुत किया गया आलेख उनका स्वयं का मौलिक कार्य है तथा पहले कहीं प्रकाशित या प्रस्तुत नहीं हुआ है। यह प्रमाण-पत्र अनुलग्नक-1 (Annexure-I) के रूप में उपलब्ध है।

आलेख लिखने का टेम्पलेट संदर्भ हेतु अनुलग्नक-2 (Annexure-II) में दिया गया है। आलेख लिखते समय इसी टेम्पलेट का पालन करना अनिवार्य है।

प्रत्येक सत्र के एक उत्कृष्ट आलेख को प्रोत्साहन-स्वरूप स्मृति-चिह्न प्रदान किया जाएगा।

महत्त्वपूर्ण तिथियाँ एवं E-mail ID:
  • आलेख प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि : 30.11.2025
  • Conference की संभावित तिथि : 05 एवं 06 फरवरी 2026
  • आलेख प्रस्तुत करने हेतु E-mail ID: aitc2025@ursc.gov.in
  • Conference से संबंधित जानकारियों के लिए लिंक: https://www.ursc.gov.in/AITC2025


FAQ Section

प्रश्न 1: Technical Conferences 2025 क्या है?
उत्तर: Technical Conferences 2025 ISRO द्वारा आयोजित राष्ट्रीय तकनीकी सम्मेलन है, जहाँ छात्र व शोधार्थी हिंदी में अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी विषयों पर लेख प्रस्तुत कर सकते हैं।

प्रश्न 2: यह सम्मेलन कहाँ आयोजित होगा?
उत्तर: यह सम्मेलन बेंगलुरु स्थित यू आर राव उपग्रह केंद्र (URSC) में आयोजित किया जा रहा है।

प्रश्न 3: Technical Conferences 2025 में कौन भाग ले सकता है?
उत्तर: देशभर के विश्वविद्यालयों के छात्र, शोधार्थी, वैज्ञानिक और ISRO के अधिकारी इस सम्मेलन में भाग ले सकते हैं।

प्रश्न 4: सम्मेलन की मुख्य थीम क्या है?
उत्तर: इस सम्मेलन की थीम है—“आर्यभट्ट से अनंत अंतरिक्ष की ओर” (“Beyond Aryabhata to Infinite Space”)।

प्रश्न 5: आलेख किस भाषा में स्वीकार किए जाएंगे?
उत्तर: आलेख केवल सरल और मानक हिंदी में स्वीकार किए जाएंगे।

प्रश्न 6: आलेख जमा करने की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: आलेख जमा करने की अंतिम तिथि 30.11.2025 है।

प्रश्न 7: सम्मेलन में छात्रों को क्या सुविधा मिलेगी?
उत्तर: चयनित छात्रों को ठहरने, भोजन और ट्रेन की द्वितीय श्रेणी किराया प्रतिपूर्ति की सुविधा दी जाएगी।

प्रश्न 8: सम्मेलन कितने दिनों का है?
उत्तर: यह दो दिवसीय सम्मेलन है, जिसमें तकनीकी व राजभाषा दोनों प्रकार के सत्र शामिल हैं।

महत्वपूर्ण सूचना (Important Notice)

किसी भी प्रकार की जानकारी, पंजीकरण या आवेदन से पहले कृपया आधिकारिक वेबसाइट को अवश्य देखें।
सटीक और नवीनतम विवरण प्राप्त करने के लिए अधिकृत ISRO/URSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
आधिकारिक साइट पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करें।

(URSC) निदेशक महोदय - Shri M. Shankran

          निदेशक महोदय का संदेशः आलेख/शोधपत्र का आमंत्रण-अखिल भारतीय तकनीकी सम्मेलन-2025
Director’s Message: Invitation for Articles & Papers-All India Technical Conference-2025

निष्कर्ष

बेंगलुरु में आयोजित ISRO का All India Technical Conferences 2025 न केवल भारत की अंतरिक्ष यात्रा के 50 गौरवशाली वर्षों का उत्सव है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को विज्ञान और तकनीकी शोध की ओर प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इस सम्मेलन के माध्यम से छात्रों, शोधार्थियों और वैज्ञानिकों को एक ऐसा राष्ट्रीय मंच मिलता है जहाँ वे सरल हिंदी में अपने नवोन्मेषी विचारों, शोध कार्यों और तकनीकी समझ को प्रस्तुत कर सकते हैं।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष तकनीक को जन-जन तक पहुँचाना, Hindi में वैज्ञानिक सामग्री को बढ़ावा देना और युवाओं में नवाचार तथा अनुसंधान की संस्कृति विकसित करना है।
Technical Conferences 2025 निश्चित रूप से भारत के अंतरिक्ष भविष्य को नई दिशा देगा और युवा शोधकर्ताओं को अंतरिक्ष विज्ञान में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

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